सांसारिक प्रेम से दिव्य प्रेम की ओर संक्रमण: कुरान और हदीस में अल्लाह का प्रेम, धिक्कार के माध्यम से हृदय को शुद्ध करना और प्रेम बढ़ाना। धिक्कार हृदय को रोशन करता है, प्रेम और शांति लाता है।
इस्लाम में प्रेम: ईश्वरीय प्रेम की यात्रा
इस्लाम में सच्चा प्रेम अल्लाह की ओर मुड़ना और उससे प्रेम करना है। पवित्र कुरान में कहा गया है: 'जो लोग ईमान लाए, वे अल्लाह से सबसे अधिक प्रेम करते हैं।' (बकरा 165)। पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया है कि 'ईमान अल्लाह से प्रेम करना है।' दुनियावी प्रेम क्षणभंगुर और अस्थायी है; असली प्रेम अल्लाह का प्रेम है। यह प्रेम Dhikr और इबादत (पूजा) से दिल में बढ़ता है।
अल्लाह का प्रेम कैसे प्राप्त करें?
जैसा कि हमारे धर्म इस्लाम के स्रोतों में जोर दिया गया है, अल्लाह से प्रेम करना उसे जानने से शुरू होता है। जैसे-जैसे मारिफत (ज्ञान) बढ़ता है, मुहब्बत (प्रेम) बढ़ती है। Dhikr इस प्रेम को दिल में मजबूत करता है:
- नियमित Dhikr: Salah के बाद 33 बार 'सुभानल्लाह, अल्हम्दुलिल्लाह, अल्लाहु अकबर'।
- 'या वदूद' (ऐ बहुत प्रेम करने वाले) नाम का Dhikr करना: यह अल्लाह के प्रेम को दिल में स्थापित करता है।
- इस्तशारा (परामर्श) और Du'a: 'ऐ अल्लाह, मुझे तुझसे प्रेम करने और उस चीज़ से प्रेम करने की तौफीक दे जो तेरे प्रेम के करीब लाए।' (Hadith)। Dhikr दिल को दुनियावी प्रेम से शुद्ध करता है; यह अल्लाह के प्रेम से भर जाता है।
प्रेम और मोहब्बत पर Dhikr के फायदे
जैसा कि इस्लाम और एहसान द्वारा संकलित किया गया है, Dhikr दिल को ठीक करता है:
- दिल को रोशन करता है, चेहरे को चमकाता है।
- उदासी और दुख को दूर करता है, राहत देता है।
- अल्लाह के प्रेम को बढ़ाता है; प्रेम इस्लाम की आत्मा है।
- शैतान को दूर भगाता है, रिज़्क (आजीविका) में बरकत देता है। यह दुनियावी प्रेम से ईश्वरीय प्रेम तक एक पुल का काम करता है: क्षणभंगुर प्रेम को अल्लाह के प्रेम का माध्यम बनाया जाता है।
दैनिक जीवन में अभ्यास
- सुबह-शाम Dhikr की दिनचर्या बनाएं: आयतुल कुर्सी, इखलास 3 बार।
- खूब सलावत (दुआएं) पढ़ें: पैगंबर का प्रेम अल्लाह के प्रेम को बढ़ाता है।
- नफ्स (स्वयं) का हिसाब करें: हराम (निषिद्ध) प्रेम से दूर रहें। जो नियमित रूप से Dhikr करता है, वह अपने दिल में अल्लाह की मुहब्बत महसूस करता है; यह सबसे ऊंचा प्रेम है।
आध्यात्मिक चेतावनी
अल्लाह के प्रेम के लिए आज्ञाकारिता की आवश्यकता होती है: उसके आदेशों का पालन करना और उसकी मना की गई चीजों से बचना। Dhikr से शुरू होने वाली यात्रा प्रेम के साथ जारी रहती है; यह दिल को अल्लाह से भर देती है। जो इस प्रेम के साथ जीता है, उसे दुनिया में शांति और आखिरत में मुक्ति मिलती है।